अध्याय 199

बेकेट के पास कहने को शब्द नहीं थे।

झुंझलाहट में उसके होंठ फड़क उठे। उसने हाथ बढ़ाकर उसके मुँह पर अपना हाथ रख दिया, “चलो, अब देखते हैं मैं तुम्हें कैसे संभालता हूँ!”

कहते ही बेकेट ने बीएट्रिस को कंधे पर उठा लिया और उसे साथ लिए वहाँ से चल पड़ा।

लेयला वहीं खड़ी रही। बेकेट और बीएट्रिस जाते-जाते भी नो...

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